अल्मोड़ा में फर्जी यूटेट प्रमाणपत्र के आधार पर प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति पाने वाले तीन सहायक अध्यापकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से नियुक्ति की तिथि से समाप्त कर दी गई हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय की ओर से 7 नवंबर 2025 को सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया के बाद भैसियाछाना ब्लॉक के तीन अभ्यर्थियों को 27 जनवरी 2026 को नियुक्ति दी गई थी। इनमें कुनखेत नवीन के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भूपेंद्र कुमार, बौड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अंजना ग्वासिकोटी और बूढाधौर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रियांशु चंद्र शामिल थे। प्राथमिक शिक्षक पद के लिए उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा सेवा नियमावली के तहत यूटेट प्रथम व सीटेट प्रथम उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता है। तीनों अभ्यर्थियों ने आवेदन के साथ यूटेट प्रथम वर्ष 2024 के प्रमाणपत्र संलग्न कराए थे। इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की शिकायत पर विभाग ने शिक्षकों के दस्तावेज को जांच के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर भेजा था।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर ने मामले की जांच कर 6 जुलाई 2026 को जांच रिपोर्ट जारी की जिसमें प्रमाणपत्रों को लेकर गंभीर अनियमितताएं बताईं। रिपोर्ट के अनुसार तीनों अभ्यर्थियों ने जो अनुक्रमांक दर्शाए वह परिषद की ओर से कभी भी जारी नहीं किए गए। परिषद के मूल टेबुलेशन रजिस्टर में भी तीनों अभ्यर्थियों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वहीं प्रमाणपत्र और अंकपत्र पर दर्ज क्यूआर कोड भी जांच में फर्जी पाए गए। इसके बाद विभागीय जांच समिति ने 14 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति हासिल करने का आरोप सिद्ध हुआ जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तीनों आरोपी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
बचने को शिक्षकों ने भेजा त्यागपत्र
अनुशासनात्मक कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस के मिलने के बाद तीनों शिक्षकों ने अपने बचाव में कोई वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों और बीमारी का बहाना बनाकर त्यागपत्र भेजकर उसे स्वीकार करने का अनुरोध किया। अधिकारियों ने गंभीर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज मामले में त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया।
तीनों शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से नियुक्ति के दिन से समाप्त कर दी गई हैं। इन शिक्षकों के दस्तावेज की जांच रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाना सिद्ध हुआ है जिसके बाद तीनों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों और पुलिस को भी सूचित कर दिया गया है। -डाॅ. रवि मेहता जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अल्मोड़ा
शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई के लिए प्रार्थनापत्र प्राप्त हुआ है। उसमें जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। -भावना कैंथोला, सीओ अल्मोड़ा