दन्या-धौलादेवी सड़क के बीच बैठा तेंदुआ।
- फोटो : जागरुक पाठक
अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के तड़म ग्रामसभा के बौरडा तोक में वन्य जीव के हमले में महिपाल सिंह की मौत होने के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ऐसे में स्कूली बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के देखते हुए ग्रामसभा के तीनों स्कूलों को अग्रिम आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है।
वन विभाग की तीन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं। वहीं विभाग ट्रेप कैमरा और ड्रोन के जरिये लगातार वन्यजीव की सक्रियता पर नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में एक महीने के भीतर मानव वन्यजीव संघर्ष की दो घटनाओं के होने से लोगों में दहशत है। वहीं इससे विद्यार्थियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। सड़क सुविधा नहीं होने से शिक्षकों को भी करीब साढ़े चार किलोमीटर पैदल जंगल पार कर स्कूल तक जाना पड़ता है। दो दिन बाद भी वन विभाग के हाथ अभी खाली हैं। बुधवार को ट्रेप कैमरे की फुटेज में भी वन्यजीव की कोई गतिविधि नजर नहीं आयी। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। तड़म ग्रामसभा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौरडा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय घज़ीरा, और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घजीरा तीनों स्कूल अग्रिम आदेश तक के लिए बंद कर दिए हैं। ग्रामसभा के अंतर्गत इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों को पैदल भौनखाल इंटर कॉलेज जाना पड़ता है। घटना के बाद से बच्चों ने यहां जाना भी बंद कर दिया है। ऐसे में इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 45 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
तड़म ग्रामसभा के बौर में बाघ के हमले में महिपाल सिंह मेहरा की मौत के बाद ग्रामसभा के तीन विद्यालयों को अग्रिम आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों ने लिखित पत्र कार्यालय में दिए हैं।
- दिनेश चंद्र फूलोरिया, प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी सल्ट
घटना के बाद से सभी ग्रामीण और बच्चे डरे सहमे हुए हैं, पढ़ाई से ज्यादा जरूरी जिंदा रहना है। जिंदा रहेंगे तो पढ़ेंगे, इसलिए जब तक बाघ की दहशत से छुटकारा नहीं मिलेगा हम बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। क्षेत्र में एक महीने में दो घटनाएं हो चुकी हैं और अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है।-हीरा देवी, एसएमसी अध्यक्ष, रा.उ.प्रा.वि. घजीरा
जब तक वन विभाग बच्चों और शिक्षकों दोनों को पूर्ण सुरक्षा नहीं देगा तब तक स्कूल नहीं खुलेंगे, गांव के लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं, अब तो दिन में भी घर से बाहर निकलने में डर लगता है।- मोहिनी देवी, ग्रामीण
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घजीरा- घटना के बाद से बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी दहशत में हैं, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों की मंजूरी से स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है, खतरा कम होने और वन विभाग की सुरक्षा मिलने के बाद ही स्कूल में बच्चों को बुलाया जायेगा।- दीनबंधु उपाध्याय