फोटो- 27एएलएम08पी- पाथलीबगड़- बर्शिर्मी सड़क पर मलबा हटाती जेसीबी। संवाद
अल्मोड़ा। बारिश के बाद जिले में तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं, इससे पांच हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। वाहन के नही चलने से नौ से अधिक गांवों के लोग पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। धौलछीना-काचुला, पाथलीबगड़-बशिमी, उडयूडा-थपनिया सड़कों पर मलबा और बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही ठप है। वाहनों की आवाजाही ठप रहने से गांवों में राशन, रसोई गैस और अन्य सामान नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण पैदल जाकर दैनिक जरूरत के सामान जुटा रहे हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि सड़क को खोलने के लिए मौके पर लोडर मशीन और जेसीबी तैनात की गई हैं। जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू होगी।
रानीखेत में सबसे अधिक 26 मिमी बारिश
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय सहित अन्य हिस्सों में हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। 24 घंटों के भीतर जिला मुख्यालय में 6.8 मिमी तो रानीखेत में सबसे अधिक 26 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। सोमेश्वर में 15.2 मिमी, जागेश्वर में 3.5, द्वारहाट में तीन, भिकियासैंण में आधा मिमी बारिश हुई। इससे नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा।
भिकियासैंण में खतरा बना बिजली का खंभा बदला
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। ऊर्जा निगम ने भिकियासैंण के बडियाली बाजार में झुके खंभे को हटाकर वहां नया खंभा लगाया है जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को राहत मिली है। व्यापारियों ने बताया कि रामनगर-बदरीनाथ मुख्य सड़क पर बडियाली के पास झुके खंभे से दुर्घटना का खतरा बना था। ऐसे में खंभा बदलने से खतरा कम हो गया है। इससे बिजली आपूर्ति भी बाधित नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने यूपीसीएल का आभार जताया है।