अल्मोड़ा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध पदार्थों से बने दुग्ध उत्पादों के सदृश खाद्य पदार्थों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश के तहत राज्य की पूरी भौगोलिक सीमा में ऐसे उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 14 अगस्त 2026 से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि प्रतिबंध ऐसे खाद्य पदार्थों पर लागू होगा, जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद न होने के बावजूद पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों जैसे दिखाई देते हैं और उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा करते हैं। दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध अवयवों से तैयार अमानकीकृत उत्पाद इसके दायरे में होंगे। उन्होंने बताया कि भ्रामक लेवलिंग, पैकेजिंग, प्रदर्शन या विक्रय के माध्यम से वास्तविक दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर भी कार्रवाई होगी। हालांकि मानकों के अनुरूप निर्मित फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पाद प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे। खाद्य कारोबारियों को प्रतिबंधित श्रेणी के उत्पादों का निर्माण और बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से नियमित निगरानी और निरीक्षण किया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा प्रचलित नियमों के तहत संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।