पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि प्रदेश में शराबबंदी लागू करने के लिए भाजपा सरकार के पास आदर्श समय है, इससे होने वाले राजस्व के नुकसान की प्रतिपूर्ति वह केंद्र सरकार की मदद लेकर पूरी कर सकती है, कहा कि खनन और शराब को लेकर कांग्रेस को कोसने वाली भाजपा आज इसकी वकालत में लगी है, आरोप लगाया कि सरकार यूपी और हिमाचल के रेत व्यवसायियों को लाभ पहुुंचाने में लगी है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने छोटे भाई चंदन रावत के दो पुत्रों के विवाह समारोह में भाग लेने के लिए तीन दिनी प्रवास पर यहां रानीखेत पहुंच गए हैं। माल रोड स्थित एफआरएच में वार्ता में रावत ने कहा कि भाजपा के लिए अब खनन और शराब माफिया सदाचारी हो गए हैं, इन्हीं मुद्दों पर भाजपा उन्हें कोसती थी। कहा कि शराब के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय और राज्य मार्गों को जिला मार्ग में तब्दील कर दिया, जबकि एक साल पहले उत्तराखंड की सड़कों को उत्तर भारत की सर्वोत्तम सड़कों का तमगा मिल चुका है। अब मानक बदल दिए जाने से सड़कों के रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।
शराब और खनन मुद्दे पर उन्होंने जमकर सरकार को कोसा, कहा कि खनन के माध्यम से सरकार उत्तर प्रदेश और हिमाचल के बड़े रेत व्यापार को फायदा पहुंचाने की जुगत में लगी है। शराबबंदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में साफ किया था, कि तीन साल के भीतर प्रदेश में शराबबंदी कर दी जाएगी, पहले फेज में ग्रामीण क्षेत्रों में इसे बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र में सरकार है, प्रदेश सरकार को शराबबंद कर राजस्व की प्रतिपूर्ति केंद्र के माध्यम से पूरी करनी चाहिए। कहा कि सरकार के पास सड़कों के लिए बजट तक नहीं है। जून बजट रखा जा रहा है, तब तक इन सड़कों का रखरखाव कैसे होगा।