अल्मोड़ा। मातृ शिशु स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे बड़े-बड़े दावे हवाई साबित हो रहे हैं। आलम ये है कि जिले के सरकारी अस्पतालों से एक साल में 789 गर्भवतियों को प्रसव के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। इससे पता चलता है कि अस्पतालों में मरीजों को किस स्तर की सुविधाएं मिल रही होंगी।
करीब छह लाख की आबादी वाले अल्मोड़ा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, रानीखेत उप-जिला चिकित्सालय, नौ सीएचसी और 65 पीएचसी संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद गर्भवतियों को असहनीय दर्द के बीच एक से दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
बीते एक साल में जिला महिला अस्पताल से 86, रानीखेत से 216 समेत सीएचसी और पीएचसी से गर्भवतियों को हायर सेंटर किया गया है। मेडिकल कॉलेज बेस अधीन बेस अस्पताल से 120 गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
-
नौवें महीने तक देखरेख और जागरूकता अभियान असफल
गर्भधारण के शुरुआती महीने से ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों से आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवतियों की देखभाल और जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं। हर महीने आशा कार्यकर्ता उनके साथ अस्पताल पहुंचती हैं, अल्ट्रासाउंड से लेकर हर तरह की जांच में भी स्वास्थ्य विभाग गर्भवतियों के साथ खड़ा रहता है। कई मामलों में प्रसव की तिथि नजदीक आते ही स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव का हवाला देकर चिकित्सक हाथ खड़े कर देते हैं।
-
जिले के अस्पतालों से गर्भवतियां रेफर (जनवरी 2024-फरवरी 2025)
अस्पताल गर्भवतियां रेफर
उप जिला चिकित्सालय रानीखेत 216
मेडिकल कॉलेज अधीन बेस अस्पताल 120
जिला महिला अस्पताल 86
सीएचसी चौखुटिया 42
सीएचसी द्वाराहाट 41
पीएचसी सोमेश्वर 38
पीएचसी धौलादेवी 37
पीएचसी लगमड़ा 29
सीएचसी भिकियासैंण 26
सीएचसी जैंती 22
पीएचसी देवायल सल्ट 19
पीएचसी देघाट 17
पीएचसी ताड़ीखेत 14
पीएचसी भतरौंजखान 10
पीएचसी भौखाल 10
पीएचसी लगमड़ा 09
पीएचसी स्याल्दे 08
पीएचसी पनुवानौला 07
सीएचसी बेतालघाट 06
जिला अस्पताल 05
पीएचसी शीतलाखेत 05
पीएचसी गनाई 04
सीएचसी सुयालबाड़ी 03
पीएचसी ताकुला 03
सीएचसी सेराघाट 03
सीएचसी धौलछीना 03
पीएचसी भैसियाछाना 02
सीएचसी और पीएचसी बाड़ेछीना 03
सीएचसी गौचर 01
जिले में चिकित्सकों का अभाव है इस कारण गर्भवतियों को रेफर किया जा रहा है। इसकी सूचना समय-समय पर निदेशालय को भेजी जाती है। चिकित्सक मिलने अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। - डॉ. नवीन तिवारी, सीएमओ, अल्मोड़ा।