ठंड बढ़ने के साथ ही तहसील क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। क्षेत्र में डेढ़ माह से रसोई गैस नहीं आई है। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं ने रसोई गैस की आपूर्ति के लिए आंदोलन की चेतावनी दी।
जैंती तहसील के चौखुरी, सुनाड़ी, भनलेख, ज्वारनेड़ी, मौरनौला, जाख, बिरखम, थामथोली, पुभाऊं, बाराकोट आदि क्षेत्रों में डेढ़ माह से रसोई गैस का वाहन नहीं आया है। गैस न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गैस वितरण की निर्धारित तिथि को उपभोक्ता निर्धारित वितरण स्थल पर पहुंचते हैं लेकिन वाहन न आने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। इससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर ढुलान का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है।
गैस के अभाव में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर केरोसिन की भी कमी है। अब ठंड के साथ ईंधन की समस्या भी अधिक बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई गैस का वितरण निर्धारित तिथि को किया जाए। रसोई गैस का वाहन न आने की सूचना उपभोक्ताओं को समय रहते दी जानी चाहिए। उन्होंने रसोई गैस की आपूर्ति शीघ्र न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।