लंबे समय तक चले सूखे के समय लोगों को कम मात्रा में ही सही पानी मिल तो रहा था पर बारिश होने के बाद लोगों को पेयजल की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। एक सप्ताह से अधिक समय से नगर में पानी की आपूर्ति चरमराई हुई है। पानी के लिए नौलों, धारों और टैंकरों में लोगों की काफी भीड़ लग रही है। सड़क नहीं होने से जिन मोहल्लों में टैंकर नहीं पहुंच सकते और प्राकृतिक नौले भी नहीं हैं वहां के निवासियों को पीने के लिए पानी जुटाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
नगर के पोखरखाली, गोपालधारा, चीनाखान, नंदादेवी, मल्ला दन्यां, राजपुरा, डुबकिया, नरसिंहबाड़ी, रानीधारा समेत कई मोहल्लों में सड़कें नहीं हैं। ऐसे में इन इलाकों में टैंकरों से पानी बांटना भी संभव नहीं है। कई मोहल्लों में नौले और धारे भी नहीं हैं। नलों में काफी दिनों बाद भी पानी नहीं आने से लोग परेशान हैं। जिन क्षेत्रों में नौले हैं भी तो रिस कर आने वाली गंदगी से अधिकांश प्राकृतिक स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है। लोग रानीधारा, सुनारी नौला, दामुधारा, सिमकनी धरा आदि जल स्रोतों का पानी पीने के उपयोग में लाते हैं, लेकिन यहां भी काफी भीड़ जुट रही है।
तेज धूप में भी लोग छाता लेकर लाइन लगा रहे हैं। जल संस्थान सड़क मार्ग में टैंकरों से पानी बंटवा रहा है। टैंकर से पानी लेने को भी लोग टूट पड़ रहे हैं। टैंकरों के आने का समय निर्धारित नहीं होने से कामकाजी और नौकरी पेशा लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन और जल संस्थान ने पानी पानी की सप्लाई सुचारु नहीं की तो समस्या गंभीर होने की आशंका है।