ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थान नहीं हैं। आईटीआई के भरोसे ही युवाओं में तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रोजगार की आस रहती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तकनीकी शिक्षा की स्थिति खराब होते जा रही है। राजकीय आईटीआई सोमेश्वर प्रभारी प्राचार्य के भरोसे है। तीन ट्रडों में से दो में अनुदेशक के पद रिक्त हैं। एक ट्रेड में संविदा अनुदेशक तैनात हैं। प्रशिक्षण के लिए कोई वर्कशॉप भी नहीं है और कंप्यूटर भी खराब पड़े हैं।
आईटीआई सोमेश्वर में फिटर, इलेक्ट्रिशियन और डाटा इंट्री आपरेटर ट्रेड चल रहे हैं। फिटर में नौ प्रशिक्षणार्थी, इलेक्ट्रिशियन में 16 प्रशिक्षणार्थी और डाटा इंट्री आपरेटर में आठ बच्चे प्रशिक्षणरत हैं। इलेक्ट्रिशियन और डाटा इंट्री आपरेटर के पद पर अनुदेशक नहीं हैं। फिटर में संविदा अनुदेशक तैनात हैं। डाटा इंट्री आपरेटर के प्रशिक्षणार्थियों के लिए संस्थान में रखे गए दोनों कंप्यूटर खराब पड़े हैं। तीनों ट्रेडों में प्रयोगात्मक कार्य करने के लिए कार्यशाला तक स्थापित नहीं हो सकी है।
संस्थान में नियमित कार्मिक के रूप में प्रभारी प्राचार्य और स्टोर कीपर तैनात हैं। इसके अलावा दो संविदा चौकीदार, एक संविदा लिपिक, एक स्वच्छक कर्मचारी संविदा पर नियुक्त है। संविदा कर्मियों को भी फरवरी 2016 से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण उन्हें आर्थिक दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।