शराब के खिलाफ प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
शराब की दुकानें खुलने से गुस्साई महिलाओं ने यहां तहसील कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी कर दी। शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई, कहा कि विरोध के बावजूद रिहायशी क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। गुस्साई महिलाओं ने अंग्रेजी शराब की दुकान पर ताले जड़ दिए। आक्रोश को देख देसी शराब व्यावसायी को सामान हटाना पड़ा। जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकानें खुलीं तो वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि शराब की दुकानों को लेकर द्वाराहाट क्षेत्र की महिलाएं आंदोलन कर रहीं हैं। इसके बावजदू दो दिन पूर्व दूनागिरि रोड और उटौड़ा में शराब की दुकानें खोल दी गईं, इससे घगलोड़ी, बिजेपुर और दैरी ग्राम पंचायतों की महिलाओं में आक्रोश है। महिलाओं ने रविवार को भी प्रदर्शन किया और धरना दिया, इसके बावजूद सोमवार की सुबह फिर से दुकानें खोल दी गईं, गुस्साई महिलाओं ने तहसील का घेराव कर वहां तालाबंदी कर दी। कहा कि दूनागिरि रोड पर मां दूनागिरि का मंदिर है, कई विद्यालय हैं, प्रधानों की अनुमति के बगैर दुकानें खुल रही हैं, शराब के सेवन से नबालिग बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
प्रशासन की मिलीभगत से दुकानें खोलने के भी आरोप लगाए गए। कहा कि आंदोलनरत महिलाओं को शराब व्यवसायी धमकी दे रहे हैं। तहसीलदार नितेश डांगर को महिलाओं को समझाने में खासे पापड़ बेलने पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारियों से निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद महिलाओं ने अंग्रेजी शराब की दुकान पर ताला ठोक दिया, जबकि देसी शराब व्यापारी ने सामान समेट लिया। जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में महिलाओं ने कहा कि यदि दुकानें खुली तो उग्र आंदोलन होगा।इस मौके पर प्रधान हेमा देवी, हंसी देवी, पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य ममता भट्ट, आनंदी तिवारी, माया राणा, संती मनराल, पार्वती देवी, निर्मला लोहनी, रमा उपाध्याय, दान सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।