सोमेश्वर तहसील के दुर्गडिय़ा के जंगल में पौधे लगाते ग्रामीण और बच्चे।
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मेरा गांव-मेरा जंगल अभियान के तहत ग्राम पंचायत अर्जुनराठ और भानाराठ के ग्रामीणों ने दुर्गड़िया के जंगल में रविवार को 400 चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे रोपे। जिनमें बांज, बांस काफल, उतीश, बमौर, देवदार आदि के पौधे शामिल हैं। ग्रामीणों ने पौैधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने पांच जून 2017 से मेरा गांव-मेरा जंगल अभियान शुरू किया। ग्रामीण प्रतिवर्ष दुर्गड़िया के जंगल में चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे रोपते आ रहे हैं। अब तक साढे़ चार हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। ग्रामीणों का लक्ष्य जंगल में दस हजार पौधे लगाने का है।
उनका कहना है कि पौधों के संरक्षण से जहां पर्यावरण सुरक्षित रहेगा वहीं जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। रविवार को ग्रामीणों ने जंगल में चार सौ पौधे रोपे। जिन्हें ग्रामीण जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल से स्वयं खरीदकर लाए। अगले रविवार को ग्रामीणों का 200 और पौधे लगाने लक्ष्य है। जिसके लिए गड्ढे भी ग्रामीणों ने खोदे।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार कोसी बचाओ अभियान में काफी पैसा खर्च कर रही है, लेकिन 2017 से वह दुर्गड़िया के जंगल में हर साल पौधे लगाते आ रहे हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही वन विभाग जंगल की चहारदीवारी और तारबाड़ में मदद कर रहा है। पौधे लगाने वालों में नरेंद्र बोरा, शिवेंद्र बोरा, मनोज बोरा, सुरेश बोरा, त्रिभुवन बोरा, बबलू बोरा, कान्हा बोरा, संजू बोरा, सन्नू बोरा, जया बोरा, पीहू बोरा, मन्नू बोरा आदि शामिल थे।