कांडा कमस्यार ब्लाक की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को यहां बैठक की। उन्होंने संगठित होकर आंदोलन का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि 1956 में ही यहां ब्लाक मुख्यालय बनना था, लेकिन एक बार टले ब्लाक के प्रस्ताव को फिर कभी मंजूरी नहीं मिल सकी।
बैठक में कहा गया कि कांडा कमस्यार का विस्तृत भूभाग बागेश्वर, कपकोट ब्लाक मुख्यालय से 50 किमी तक की दूरी पर बसा है। ब्लाक मुख्यालयों तक आने-जाने में ही पूरा दिन लग जाता है, जिससे लोगों को ग्रामीण विकास की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने 27 सितंबर 1956 में ही यहां ब्लाक मुख्यालय खोजने का निर्णय ले लिया था। इसके लिए शासनादेश भी जारी हो गया था। बाद में कुछ कारणों से ब्लाक मुख्यालय बागेश्वर चला गया। तब से ब्लाक की मांग ठंडे बस्ते में पड़ी रही।
बैठक में ब्लाक के गठन की मांग उठाई गई। तय हुआ कि इस बारे में अगली बैठक आठ मार्च को होगी। तभी लोगों की मौजूदगी में संघर्ष समिति का भी गठन किया जाएगा। बैठक में हीराप्रकाश नगरकोटी, कैप्टन बालम सिंह, कैप्टन सुजान सिंह माजिला, पदम सिंह, जगत सिंह धपोला, गोविंद लाल वर्मा, राम सिंह नगरकोटी, नरेंद्र सिंह, मोहन सिंह बिष्ट, प्रकाश सिंह, संजू धपोला, कैप्टन रघुवीर सिंह माजिला, सियाराम, नारायण सिंह, सविता नगरकोटी, जगदीश राम आदि ने भाग लिया।