रानीखेत (अल्मोड़ा)। एक नहीं बल्कि तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े डीडा क्षेत्र के 14 गांवों के ग्रामीण आज भी बुखार जैसी सामान्य बीमारी के इलाज से वंचित हैं। मामूली उपचार के लिए भी लोगों को मीलों की दौड़ लगानी पड़ रही है जिससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में आने वाला डीडा इलाका द्वाराहाट ब्लॉक और रानीखेत तहसील का भी हिस्सा है। क्षेत्र में बबुरखोला, द्वारसों, उरोली, बकलानी, सिमोली और भैंसोली सहित छह ग्राम सभाएं हैं जिनके अंतर्गत मछलिया, तुस्यारी, बामनखेत, मनबजूना, कारखेत, तुरकोड़ा, उरोली, बकलानी, टनवानी, सिमोली और भैंसोली समेत 13 से 14 गांव आते हैं। ग्रामीणों के अनुसार उरोली में खोला गया एएनएम उपकेंद्र आज भी डॉक्टर और एएनएम की तैनाती की राह देख रहा है।
वर्तमान में सप्ताह में केवल एक दिन एएनएम और सीएचओ बैठती हैं जिससे इलाज की व्यवस्था नाममात्र की रह गई है। बुखार या छोटे उपचार के लिए भी ग्रामीणों को 22 से 25 किलोमीटर दूर रानीखेत जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के तीन विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े होने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। यदि जल्द उपकेंद्र में नियमित स्टाफ की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।