चिन्हीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे राज्य आंदोलनकारियों ने सोमवार को प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। सुबह आठ बजे दो आंदोलनकारी मोबाइल टावर में चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। पूरा पुलिस प्रशासन धरना स्थल पर पहुंच गया। बाद में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने फोन पर जिलाधिकारी से वार्ता की, जिलाधिकारी ने सात जनवरी को मांग पूरी होने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया है।
मालूम हो कि चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से धरना दे रहे हैं। दिसंबर मध्य में प्रशासन ने शीघ्र चिन्हीकरण का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म करा दिया, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। राज्य आंदोलनकारी 22 दिसंबर से फिर नगर पंचायत प्रांगण में धरने पर बैठ गए। इस बीच आंदोलन की उपेक्षा से गुस्साए आंदोलनकारी मनोज अधिकारी और गोपाल राणा सोमवार की सुबह आठ बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गए और वहीं से नारेबाजी करने लगे, इससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
रानीखेत के सीओ कमलराम, एसडीएम गौरव चटवाल, एलआईयू प्रभारी केपीएस धामी, थाना प्रभारी चंद्रमोहन सिंह सहित तमाम प्रशासनिक अमला धरना स्थल पर एकत्रित हो गया। बाद में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने फोन पर जिलाधिकारी से विस्तृत वार्ता की। डीएम ने कहा कि सात जनवरी को हर हाल में चिन्हीकरण की कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी, शेष आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण स्वयं उनके सम्मुख होगा। लिखित आश्वासन के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे आंदोलनकारी टावर से उतर आए। वार्ता में मोहन रावत, कैलाश फुलारा, धनी राम, कुंदन राम, दान सिंह, लक्ष्मण सिंह, नवीन जोशी, आनंद बिष्ट, राम सिंह, मनोहर जोशी, चंदन नेगी आदि मौजूद थे।