अल्मोड़ा से करीब 50 किमी दूर काफलीखान के निकट काफली खन्याड़ी के जंगल में वन्य जीव तस्कर एक तेंदुए को मारकर उसका सिर, खाल और पंजे भी काटकर ले गए। आशंका है कि कुख्यात वन्य जीव तस्करों ने तेंदुए को गोली से मारकर इस घटना को अंजाम दिया है। मृत तेंदुए के शरीर में गोली के भी निशान हैं। क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना है। सूचना मिलने पर वन कर्मियों में हड़कंप मच गया। वन विभाग ने वन्य जीव एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीएफओ आरसी शर्मा ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में शातिर गिरोह का हाथ माना जा रहा है। वन विभाग ने खुफिया तंत्र को भी सजग कर दिया है।
बृहस्पतिवार सुबह किसी ग्रामीण ने भनोली तहसील के अंतर्गत काफली खन्याड़ी के जंगल में सड़क से करीब दो किमी दूर एक गधेरे के पास तेंदुए का क्षत-विक्षत शव देखा। उन्होंने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। सूचना मिलने पर वन दरोगा रघुनाथ प्रसाद, खजान मेहता, महेश पांडे आदि कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। तेंदुए के शव की हालत देखकर वन कर्मियों के होश उड़ गए। मृत मादा तेंदुए का सिर कटा हुआ था और साथ ही तस्कर उसकी खाल और पंजों को काट कर ले गए थे। बाद में वन कर्मी शव को सड़क तक लाए और सील करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मारे गए तेंदुए की लंबाई करीब आठ फुट है। बाद में वन रेंजर मनोज सनवाल भी मौके पर पहुंच गए और घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
शव में गोली के निशान भी पाए गए हैं। शव को देखकर माना जा रहा है कि तेंदुए को मारने के बाद खाल आदि एक-दो दिन पहले ही निकाली गई है। सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया है कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्य जीव एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। डीएफओ ने भी तेंदुए को गोली से मारे जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।