ताकुला विकासखंड के अंतर्गत बदहाल डोनी गांव को जोड़ने वाली सड़क। संवाद
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचने के खूब दावे हो रहे हैं। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों की सीमा पर बसे ताकुला विकासखंड के अंतिम गांव डोनी सहित इसके आसपास के छह से अधिक गांवों को आज भी विकास की दरकार है। इन गांवों को जोड़ने के लिए बनी सड़क पर 15 साल बाद भी डामर नहीं हो सका है। यहां की चार हजार से अधिक की आबादी खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर है।
ताकुला विकासखंड के अंतिम गांव डोनी सहित नौघर, डोबा, धेना सहित छह से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए वर्ष 2009 में सड़क निर्माण हुआ था। 15 साल का लंबा समय बीतने के बाद पांच किमी सड़क पर सरकारी मशीनरी डामरीकरण नहीं कर सकी। बदहाल सड़क पर चालक वाहनों का संचालन करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। ऐसे में सड़क होने के बावजूद क्षेत्र की चार हजार से अधिक की आबादी पैदल सफर करने के लिए मजबूर है। किसी तरह वाहन बुक कर मरीजों को भी खतरे के बीच अस्पताल पहुंचाना लोगों की मजबूरी बन गया है। संवाद
कई बार डामरीकरण की मांग कर चुके हैं ग्रामीण
सोमेश्वर। डोनी सहित अन्य गांवों के ग्रामीण कई बार सड़क पर डामरीकरण की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी अब तक नहीं सुनी गई। ऐसे में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक डामरीकरण नहीं हुआ। उनकी परेशानी को अनदेखा किया जा रहा है। ऐसे में वे लोकसभा चुनाव में अपनी भागीदारी नहीं निभाएंगे। संवाद
कोट
सड़क पर डामरीकरण के लिए टेंडर लगाए जा चुके हैं। जल्द ही सड़क पर डामरीकरण होगा।
- डीपी वर्मा, एई, पीएमजीएसवाई, ताकुला।