अल्मोड़ा। जिले के बसोली-सुनौली मोटर मार्ग में चल रहे पैचवर्क कार्य के प्रति ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। हड़ोली गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया और कार्य को तत्काल रोकने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर मानकों के विपरीत पैचवर्क किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बसोली से सुनौली तक करीब चार किलोमीटर सड़क के सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। सड़क पर बने गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों में केवल रोड़ी बिछाकर नाम मात्र का तारकोल डाला जा रहा है जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। हड़ोली गांव निवासी दया कृष्ण डंगवाल ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले इसी सड़क का लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से डामरीकरण किया गया था लेकिन सड़क दो-तीन महीने के भीतर ही जगह-जगह से उखड़ने लगी थी। अब सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल बड़े गड्ढों में कंकड़ और रोड़ी भरकर ऊपर से तारकोल डालने का काम किया जा रहा है।
स्थानीय मुकेश जोशी ने बताया कि सड़क पर फैले कंकड़ों और गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों में फिसलने और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता के अनुसार कार्य नहीं कराया गया तो बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह खराब हो सकती है। सुनौली गांव स्वतंत्रता सेनानी और उत्तराखंड के वरिष्ठ राजनेता रहे सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव है। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सुनौली गांव को गोद लिया हुआ है।