चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम प्रधान संगठन की ओर से ब्लाक मुख्यालय में हुई बैठक में प्रधानों ने ब्लाक को सूखा घोषित करने, मनरेगा का भुगतान करने और नगर पंचायत में शामिल ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत से हटाने के साथ ही संबंधित प्रधानों के आहरण वितरण अधिकार को बहाल करने आदि मांगों को लेकर एक जून से क्रमिक अनशन का ऐलान किया है।
बैठक में प्रधानों ने इसके अलावा स्वजल परियोजना के तहत बने शौचालयों के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने पर रोष जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में आवश्यकता अनुसार राशन कार्ड बनाने और सिंचाई बाईं और दाईं नहर सहित सभी नहरों में पानी छोड़कर उन्हें सुचारू रूप से चलाने की मांग की। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी का भेजा गया।
बैठक में नगर पंचायत में शामिल गांवों के प्रधानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा गया कि बिना प्रधानों को विश्वास में लिए नगर पंचायत का गठन कर दिया गया जो अन्यायपूर्ण है। नगर पंचायत में शामिल गांवों के प्रधानों का कहना था कि उनके शपथ लेने के कुछ दिन बाद नगर पंचायत के चक्कर में उनके वित्तीय अधिकार, मानदेय, स्वच्छ भारत और मनरेगा सहित सभी कार्यों को बंद कर दिया गया। इसके चलते संबंधित सभी दस राजस्व गावों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। लिहाजा जनहित को देखते हुए संबंधित प्रधानों के वित्त सहित सभी अधिकार बहाल किए जाएं।
बैठक में प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह, महामंत्री जीवन नेगी, धीरज तिवारी, दयाल मेहरा, दानसिंह कुमयां, मनोहर संगेला, नवीन बिष्ट, राजेंद्र सिंह, हेम उपाध्याय, बालमसिंह, सुंदर सांणी, हीरासिंह थापा, शारदा देवी, भगवती देवी, गीता शर्मा, लालमणी सती, प्रेम ढौंडियाल, मनोहर रावत आदि कई प्रधान मौजूद थे।