बागेश्वर के एक होटल में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते राज्य आंदोलन
बागेश्वर। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति का 27वां प्रदेश स्तरीय सम्मेलन संपन्न हो गया है। सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारियों ने संपूर्ण राज्य को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग के प्रस्ताव पर मुहर लगाई।
रविवार को पिंडारी रोड स्थित एक होटल में भुवन कांडपाल की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि राज्य आंदोलनकारी संघ के अध्यक्ष भूपेंद सिंह रावत ने कहा कि राज्य के निर्माण के समय आंदोलनकारियों की कई अवधारणाएं थीं। राज्य बनने के बाद उन अवधारणाओं पर कोई अमल नहीं हुआ। यहां बारी-बारी से राज करने वाली सरकारों ने राज्य को राजनीति का अखाड़ा बनाकर जमकर बंदर बांट की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दिनेश गुरुरानी ने भी राज्य की मूलभूत सुविधाओं की कमी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में मूलभूत सुविधाओं की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, वंचित आंदोलनकारियों को चिह्नित कराने की मांगों का प्रस्ताव सर्व सहमति से पारित किया गया। इस मौके पर हीराबल्लभ भट्ट, दिनेश बिष्ट, लीलाधर पंडा, रमेश पांडेय, नरेंद्र खेतवाल आदि मौजूद रहे।