सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अल्मोड़ा
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लमगड़ा का तीन दशक बाद भी उच्चीकरण नहीं हो सका है। इस अस्पताल में कई साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड भी लग चुका है, लेकिन उच्चीकरण आज तक नहीं किया गया है। हालत यह है कि इस अस्पताल में पिछले कई सालों से एक डाक्टर तैनात था उसका भी बीते दिनों स्थानांतरण कर दिया गया है। अब पूरे अस्पताल का जिम्मा सिर्फ एक संविदा डाक्टर पर है। अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से रोगियों को अल्मोड़ा और हल्द्वानी ले जाना पड़ता है।
क्षेत्र के पचास से अधिक गांवों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1973 में यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया। भूमि की व्यवस्था हो जाने के बाद 1983 में अस्पताल लमगड़ा में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में दो डाक्टरों के पद सृजित हैं, परंतु पिछले कई सालों से यहां एक नियमित डाक्टर तैनात था, लेकिन इस एकमात्र डाक्टर का भी एक सप्ताह पहले स्थानांतरण कर दिया गया है। कुछ समय पहले यहां एक संविदा में महिला डाक्टर को तैनात किया गया था। अब अस्पताल में चौबीसों घंटे आने वाले रोगियों के इलाज की जिम्मेदारी एकमात्र इसी डाक्टर पर है।
उल्लेखनीय है कि लमगड़ा के प्राथमिक अस्पताल के उच्चीकरण की घोषणा कई साल पहले हो चुकी है और अस्पताल के बाहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड भी काफी समय से लगा हुआ है, लेकिन उच्चीकरण तो दूर इस अस्पताल में सामान्य जांच तक की सुविधा भी नहीं है। एक्सरे मशीन भी पिछले काफी समय से बंद पड़ी है। हालत यह है कि अस्पताल में रोगियों की किसी तरह की जांच भी नहीं हो पाती। इधर मुख्य चिकित्साधिाकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक लमगड़ा अस्पताल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण का प्रस्ताव काफी समय पहले शासन को भेजा गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव गया है। मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल का उच्चीकरण कर दिया जाएगा।