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Almora News: अतिक्रमण हटाने के विरोध में सल्ट के लोगों ने व्यापारियों संग निकाला जुलूस

Fri, 18 Aug 2023 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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सल्ट में अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाने की मांग पर जुलूस निकालते स्थानीय व्यापारी और लोग। संवाद - फोटो : सल्ट में अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाने की मांग पर जुलूस निकालते स्थानीय व्यापारी और लोग। संवाद
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मौलेखाल(अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। क्षेत्र के लोगों ने अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाने की मांग पर मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। वहीं इस संबंध में तहसीलदार निशा रानी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से पहले उनके पूर्वज यहां बसे थे। इसके लिए उन्होंने अपनी नाम जमीन दी। अब अतिक्रमण के नाम पर उनके भवनों को तोड़ना गलत है।


शुक्रवार को सल्ट, पैसिया, डोटियाल, झिमार, कालेगांव, जालीखान, मौलेखाल, शशिखाल, नपटुवां, हिनोला, मरचूला के व्यापारी और यहां भवन बनाकर रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, युवा विकासखंड कार्यालय में एकत्र हुए और बैठक की। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने सड़क के लिए अपनी भूमि दान में दी। आसपास के गांवों से निकलकर बेरोजगारी के इस दौर में वे सड़क किनारे व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित कर रोजी-रोटी चला रहे हैं। सालों पहले उन्होंने भवन बनाए। अब इन भवनों को अतिक्रमण के नाम पर तोड़ना गलत है। इससे कई लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। इसके बाद वे विकासखंड कार्यालय से जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण के मानकों में बदलाव की मांग की। लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक न लगाने पर 21 अगस्त से तहसील परिसर में अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी है। संवाद
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ये रहे शामिल
व्यापार मण्डल अध्यक्ष घनानन्द शर्मा ,पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत , सरपंच घनानन्द शर्मा, सोबन सिंह बोरा, ग्राम प्रधान मौलेखाल मीनाक्षी देवी, ग्राम प्रधान खुमाड़ इन्द्र सिंह, सुजीत चौधरी, संदीप कुमार, विजय कुमार, चन्दन राम, देवकी रावत, रवि मेहता, रमेश राम, योगेंद्र अधिकारी, भुवन अधिकारी, रमेश पाल मुहारी, अजय पाल रावत, जयपाल रावत, दीप चन्द्र भट्ट, मोहन चन्द्र तिवाड़ी, राधा देवी, सरस्वती देवी, आनन्द सिंह, दीपक शर्मा, पंकज ध्यानी आदि।

बोले लोग

गांवों से निकलकर लोग सड़क किनारे व्यापारिक प्रतिष्ठान खोलकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। नियमों में बदलाव कर हमें राहत दी जानी चाहिए। - दीप चंद्र भट्ट, जालीखान


सड़क बनने से पहले ही हमने यहां अपने घर बनाए हैं। अब इन्हें अतिक्रमण की जद में बताया जा रहा है जो गलत है। सड़क चौड़ीकरण के मानकों में बदलाव कर हमें राहत दी जाए। -रमेश पाल मुहारी, पैसिया।





हमने सड़क के लिए अपनी जमीन दी। अब हम अतिक्रमण करने वाले कैसे हो गए, सरकार को यह सोचना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्र में यदि मानकों में बदलाव नहीं किया गया तो कई लोग बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे। - रमेश पाल, मौलेखाल।
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किसी तरह कर्ज लेकर लोगों ने घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाए हैं। अतिक्रमण के नाम पर घर और दुकानें टूटीं तो उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस पर गंभीरता से सोचना होगा। - बलवंत रावत, सल्ट





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