एक तरफ अल्मोड़ा के बेस अस्पताल को आधार मानते हुए यहां मेडिकल कालेज स्थापित करने की बात की जा रही है दूसरी तरफ हालत यह है कि इस अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले करीब आठ माह से खराब पड़ी है। लोगों को सिटी स्कैन कराने के लिए यहां से 100 किमी दूर हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बताया गया है कि इस मशीन के रखरखाव और मरम्मत आदि का करीब 12 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है, लेकिन निदेशालय से यह पैसा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
जिले के सबसे बड़े बेस अस्पताल में हर रोज करीब चार सौ से अधिक संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां अल्मोड़ा जिले के अलावा बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले छह माह से खराब पड़ी है। बताया गया कि मशीन को ठीक करने के लिए संबंधित कंपनी को अस्पताल की ओर से करीब 12 लाख रुपए का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। जिससे कंपनी ने मशीन को ठीक करने से इंकार कर दिया है।
मालूम हो कि अल्मोड़ा-बागेश्वर जिले में किसी भी प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को सिटी स्कैन के लिए भारी पैसा खर्च करके हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। लोग कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मशीन को दुरुस्त कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन शासन से पैसा नहीं आने के कारण मशीन ठप पड़ी है। इसका खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ रहा है और उन्हें सिटी स्कैन के लिए हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।