उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से राज्य आंदोलन के जननायक उक्रांद के संरक्षक रहे स्व. इंद्रमणि बडोनी की 91वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि उप्र विधानसभा में तीन बार विधायक, पर्वतीय विकास उपाध्यक्ष रहे स्व. बडोनी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में उत्तराखंड क्रांति दल के संरक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
राज्य प्राप्ति के लिए स्व. बडोनी ने स्व. जसवंत सिंह बिष्ट के साथ नारायण आश्रम पिथौरागढ़ से आराकोट, उत्तरकाशी, उत्तराखंड के गांव-गांव होते हुए सभी जिलों में पैदल यात्रा कर राज्य की मांग को गांव-गांव तक पहुंचाया। पौड़ी कमिश्नरी मुख्यालय में 1994 में 34 दिन तक आमरण अनशन कर उत्तराखंड राज्य की मांग के लिए लोगों को राज्य आंदोलन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद जो सम्मान स्व. बडोनी को मिलना चाहिए था वह नहीं मिल सका है। राज्य आंदोलन को शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में चलाने में सफल नेतृत्व करने के लिए स्व. बडोनी को उत्तराखंड के गांधी का नाम भी दिया गया।
उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं, शिक्षण संस्थानों का नाम स्व. बडोनी के नाम पर करने की मांग की। कार्यक्रम में उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री ब्रह्मानंद डालाकोटी, युवा उक्रांद अध्यक्ष शिवराज बनौला, किशोरीलाल वर्मा, मुमताज कश्मीरी, महेश परिहार, हरीश जोशी, गोपाल सिंह राणा, सुंदर सिंह बिष्ट, संजय कुमार, आनंदी महरा, खष्टी देवी, हीरा देवी आदि मौजूद थे।