एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के मुख्य प्रबंधक डॉ. नवीन आनंद ने व्यवसाय बढ़ाने को नई तकनीकों के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादक समूहों की योजनाओं को धरातल पर उतारने को हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
डॉ. आनंद ने रविवार को हवालबाग ब्लॉक में गठित उत्पादक समूहों की समीक्षा की। कहा कि बेहतर प्रबंधन, कुशल नेतृत्व, नई तकनीक अपना कर उत्पादक समूह अधिक आय अर्जित कर सकते हैं। ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से ही आजीविका परियोजना संचालित की गई है।
उन्होंने विकास के लिए सहकारिता की भावना से काम करने का आह्वान किया। राज्य परियोजना के तकनीकी प्रबंधक मनोज रावत सदस्यों को मवेशियों के बीमा की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सभी पशुओं का अनिवार्य रूप से बीमा कराने का आह्वान किया।
ग्रास संस्था के प्रकाश पाठक ने ब्लॉक में सहकारिता अधिनियम के तहत गठित छह आजीविका संघों की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि ब्लॉक में 306 समूहों के जरिए 3162 सदस्यों को उत्पादक गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह सदस्यों ने संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
इस मौके पर सहायक प्रबंधक मार्केट मुकेश रावत, ग्रास संस्था के निदेशक गोपाल सिंह चौहान, दिनेश जोशी, तेज सिंह रावत, डॉ. रवि खुल्बे, पंकज चौहान, दीपा सिराड़ी, पंकज बिष्ट, पुष्पा मेहरा, शिवराज बिष्ट आदि मौजूद थे।