अल्मोड़ा। श्रीराम सांस्कृतिक व सामाजिक सेवा समिति की ओर से आयोजित दूसरे दिन की महिला रामलीला में परशुराम लक्ष्मण संवाद तक का मंचन किया गया। रामलीला मंचन में बालिकाएं और महिलाएं काफी उत्साह के साथ भाग ले रही हैं।
हुक्का क्लब में आयोजित महिला रामलीला मंचन के द्वितीय दिवस पर सीता स्वयंवर प्रसंग का मंचन हुआ। सीता स्वयंवर में राजा जनक के आमंत्रण पर देश विदेश के राजा पहुंचे। राजा जनक ने सभी राजाओं को स्वयंवर की शर्तें सुनाईं जिसके बाद एक-एक कर सभी राजा धनुष तोड़ने के लिए आगे आए लेकिन कोई भी राजा तिलभर भी शिवधनुष हिला नहीं सका। इस पर राजा जनक काफी दुखी हुए। उन्होंने कहा कि क्या ऐसा कोई नहीं है जो इस शिवधनुष का भंजन कर सके। तब गुरु विश्वामित्र के साथ स्वयंवर देखने आए भगवान श्रीराम ने गुरु का आदेश पर शिवधनुष को तोड़ डाला। तब माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में माला डाली। वहीं धनुष टूटते ही दरबार में परशुराम पहुंच गए। इस दौरान परशुराम और लक्ष्मण का संवाद हुआ जो आकर्षण का केंद्र रहा।