इंदिरा गांधी अम्मा भोजनालय अल्मोड़ा में खाना बनाती कर्मचारी।
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नगर में स्थित इंदिरा अम्मा भोजनालय घाटे में चल रहा है। कमाई का बड़ा हिस्सा राशन, सब्जी आदि खरीदने में ही खर्च हो रहा है। ग्राहकों की कमी के कारण कर्मचारियों की तनख्वाह निकलनी मुश्किल हो रही है। भोजनालय संचालक के मुताबिक बीते जून में ही भोजनालय को करीब एक लाख रुपये का घाटा हुआ है।
अल्मोड़ा नगर में 2015 में इंदिरा अम्मा भोजनालय खोला गया है। शुरूआती दौर में इस भोजनालय में ग्राहकों की काफी भीड़ रहती थी। इससे भोजनालय अच्छा चल रहा था लेकिन पिछले कुछ समय से यह भोजनालय काफी घाटे में चल रहा है। ग्राहकों की संख्या कम होने से स्थिति दिनों दिन बिगड़ रही है।
भोजनालय के संचालक राजेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि पूरे जून में करीब 2700 लोगों ने खाना खाया। जिससे सिर्फ 94,500 रुपये कमाई हुई है। जबकि राशन, सब्जी, दाल आदि में 1.12 लाख रुपये खर्च हो गया। उन्होंने बताया कि भोजनालय में आठ कर्मचारी काम करते हैं।
जिनके वेतन आदि में प्रतिमाह 45 से 50 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि जून में ही करीब एक लाख रुपये का घाटा हुआ है। सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि से किसी तरह कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है। अम्मा भोजनालय को घाटे से उबारने के लिए सरकार को सब्सिडी की राशि बढ़ानी चाहिए।