सोमवार भी बंद पड़े राजकीय अस्पताल खेती में बकरियां शरण लिए हुए।
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अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत राजकीय अस्पताल खेती में फिर सोमवार को ताला लटका रहा। अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एएनएम नहीं होने से क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पर कड़ा आक्रोश जताते हुए तीनों कार्मिकों को अन्यत्र संबद्ध करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों की तैनाती नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।
बुधवार को भी खेती अस्पताल में ताला लटका हुआ था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर भनोली की एसडीएम मोनिका ने राजस्व उप निरीक्षक पिंकी बिष्ट को मौके पर भेजा था। जांच में अस्पताल बंद पाया गया था। उन्होंने अस्पताल बंद होने की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज दी थी, लेकिन सोमवार को भी कोई कार्मिक अस्पताल में मौजूद नहीं था और अस्पताल में ताला लटका हुआ था। अस्पताल के गेट पर बकरी घूम रही थी।
धौलादेवी विकासखंड के पूर्व प्रमुख पीतांबर पांडे, क्षेत्र पंचायत सदस्य शेखर चंद्र पांडे, ग्राम प्रधान ममता पांडे का कहना है कि बार-बार मांग करने के बावजूद अस्पताल में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एएनएम की तैनाती नहीं की जा रही है। पूर्व में तीनों पदों पर कार्मिक तैनात थे, लेकिन उन्हें अन्यत्र संबद्ध करना क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
अस्पताल में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी नहीं होने से सरयू घाटी सहित पूरे क्षेत्र की करीब 15 ग्राम पंचायतों के लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। लोगों को धौलादेवी अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। यदि शीघ्र अस्पताल में डाक्टर समेत चिकित्सा कर्मियों की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।