एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के तहत हुए कार्यक्रम में काश्तकारों को नई तकनीक की जानकारी दी। परियोजना समन्वयक राजेंद्र सिजवाली ने काश्तकारों को खेती, पशुपालन, वानिकी, बागवानी करने की नई तकनीक बताई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उत्पादक समूह बनाकर सामूहिक विपणन कर अधिक आय अर्जित कर आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत उत्पादक समूह बनाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में परियोजना से 3600 रुपये का सहयोग दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में ललित, कृपाल, दिगंबर सत्यवली, तकनीकी समन्वयक अनिरुद्ध कुमार, पंकज, ललित, जगदीश, दिनेश, ललित लोहनी आदि मौजूद थे।