अल्मोड़ा। पर्वतीय कृषि रक्षा समिति का शिष्टमंडल जिलाधिकारी अंशुल सिंह से मिला और ज्ञापन सौंपा। साथ ही पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कार्रवाई की मांग की। समिति ने कहा कि जंगली जानवरों से पर्वतीय क्षेत्र में कृषि के साथ-साथ जान माल के खतरे को देखते हुए सुरक्षा के प्रभावी उपाय किए जाएं। जिला योजना, राज्य योजना में हिंसक पशुओं से जान माल की सुरक्षा और कृषि सुरक्षा के बजट आवंटन को प्राथमिकता मिले। समिति ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को केंद्र सरकार से इसके लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर सांसद, विधायक निधि का उपयोग भी कृषि और जान माल की सुरक्षा के लिए किया जाए। कृषि रक्षा समिति ने जंगलों को भीषण आग से बचाने के लिए लीसा गड़ान की वर्तमान खुरचन पद्धति के स्थान पर छिद्र पद्धति से लीसा गड़ान करने की मांग की। समिति ने सरकार की शराब की दुकानें बढ़ाने, उप-दुकानें खोलने की नीति को जन विरोधी बताते हुए शराब के प्रचलन को कम करने के उपाय करने की मांग की। शिष्टमंडल में ब्रह्मानंद डालाकोटी, केडी मिश्रा, शिव दत्त पांडे आदि मौजूद रहे।