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बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने को सरकार प्रयासरत : बिट्टू

Fri, 25 Nov 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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पूरा हो एनएचएम का लक्ष्य - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार एवं अनुश्रवण परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार आयुष, होम्योपैथी, बीडीएस डॉक्टरों समेत फार्मेसिस्टों के खाली पदों को शीघ्र भरेगी, ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। उन्होंने बेस अस्पताल में खराब पड़ी सिटी स्कैन मशीन को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश भी मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए।
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सीएमओ कार्यालय सभागार में पत्रकार वार्ता में कर्नाटक ने कहा कि एनआरएचएम में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तीन दिसंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में देहरादून में होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी से सभी वाकिफ हैं। स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 148 मोबाइल टीमों ने 18 लाख बच्चों का उपचार किया। इनमें से 75 हजार बच्चे 30 किस्म की गंभीर बीमारी से पीड़ित मिले।

जिनमें से पांच हजार बच्चे हृदय रोग से पीड़ित मिले। जिनका हायर सेंटरों में निशुल्क उपचार कराया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की कमियों को दूर कर अच्छी स्वास्थ्य सेवा जनता को देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी, कर्मचारी बेहतर तालमेल से सेवाभाव से काम करें। जिले में एक परिवार के कुछ लोगों की एनआरएचएम में नियुक्ति की कथित शिकायत के मामले में उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि हजार, पांच सौ की नोटबंदी के चलते अस्पतालों में मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। सरकार ग्रामीणों के द्वार कार्यक्रम के तहत जनता को सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मरीजों के उपचार के मामले में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

अल्मोड़ा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को ठोस योजना जरूरी है। इसमें कमी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। एनएचएम का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है और इस ओर राज्य सरकार गंभीर है।

इसलिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को विभागीय कार्यक्रमों, योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अस्पतालों में बंद मशीनों और गंदगी की समस्या पर उन्होंने सीएमओ को अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने और बंद मशीनों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. आरसी पंत, एसीएमओ डॉ. एके सिंह, डॉ. सविता हयांकी, डॉ. निशा पांडे, डॉ. एसबी ओली, डॉ. डीएस नेई, व्यापार मंडल से दीपेश जोशी, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष शैलेंद्र तिलारा, अमन अंसारी, निजाम कुरैशी, राकेश बिष्ट, गौरव कांडपाल, हेम जोशी, दीपक भट्ट आदि थे।

अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। बेड में भी चादरें स्वच्छ नहीं थी। धोबी ने धुलाई के बाद लंबे समय से चादरें उपलब्ध नहीं कराई थी। इस पर सीएमओ ने अस्पताल के पीएमओ को सफाई ठेकेदार पर दस हजार रुपए और कपड़े धुलाई के ठेकेदार पर पांच हजार रुपए जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी अस्पतालों में आए दिन अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रहती हैं। अस्पताल की सफाई व्यवस्था और कपड़ेे धुलाई की व्यवस्था ठेके पर है। सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने बेस अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। डॉ. पंत ने बताया कि अस्पताल में 18 स्वच्छक तैनात रहने चाहिए थे, लेकिन ठेकेदार के अधीन मात्र 12 स्वच्छक ही तैनात मिले।

अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। वहीं धोबी ने भी अस्पताल की बेड की चादरें धुलाई के बाद लंबे समय से उपलब्ध नहीं कराई थी। डॉ. पंत ने बताया कि धोबी पर भी पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने इस बारे में अस्पताल के पीएमएस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डॉ. पंत ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर सफाई और कपड़े धुलाई व्यवस्था से ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर पूर्व की तरह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
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