अल्मोड़ा। सोमेश्वर स्थित प्रसिद्ध संग्राली माता मंदिर जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएनवीएन) के मंदिर को सहजने के लिए भेजे गए प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। बजट मिलते ही मंदिर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार कर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे जिले में पर्यटन कारोबार को भी नई गति मिलेगी।
सोमेश्वर-कौसानी हाईवे पर स्थित लोगों की आस्था से जुड़े संग्राली माता मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। यहां हर वर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। केएनवीएन ने मंदिर को सहेज कर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप विकसित करने की पहल शुरू कर दी है।
शासन से प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। बजट अवमुक्त होते ही मंदिर में मुख्य द्वार का निर्माण, टाइल्स स्थापित करने सहित पर्यटकों के लिए पेयजल व्यवस्था, शौचालय निर्माण, पर्याप्त रोशनी सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे पहल से न केवल मंदिर को अलग पहचान मिलेगी बल्कि यहां पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे द्वार
- मंदिर के नए स्वरूप पर आने से क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवा पूजा सामग्री की दुकानें, होम स्टे, रेस्टोरेंट आदि व्यवसाय से जुड़ कर स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगे। वहीं होम स्टे, रेस्टोरेंट में पर्यटकों को भोजन में पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इससे पहाड़ के उत्पादों को भी पहचान मिलेगी।
कोट
- संग्राली माता मंदिर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार कर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। प्रस्ताव को शासन से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी। बजट अवमुक्त होते ही मंदिर में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। - लीलाधर त्रिपाठी, जेई, केएमवीएन अल्मोड़ा