जम्मू-कश्मीर के पलांवाला सेक्टर में शनिवार को एक विस्फोट के दौरान शहीद हुए आठ कुमाऊं के सूरज सिंह भाकुनी के पार्थिव शरीर का सोमवार को रामेश्वर घाट में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सुबह सेना के जवान हेलीकॉप्टर से शहीद का पार्थिव शरीर लेकर अल्मोड़ा पहुंचे। अल्मोड़ा के आर्मी मैदान में 13 सिख रेजीमेंट के कमांडेंट कर्नल हर्ष मिश्रा, सैन्य अधिकारियों, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, एसडीएम विवेक राय, अवधेश कुमार सिंह, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक आदि ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दोपहर करीब दो बजे सेना के जवान शहीद का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। जैसे ही शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव लाई गई, वहां कोहराम मच गया। सूरज के अंतिम दर्शन को पूरा गांव उमड़ आया। हर किसी की आंखों में आंसू थे। शहीद की मां सीता देवी, दादी रूपली देवी, सूरज का छोटा भाई चंदन और दो बड़ी बहनों को संभालना मुश्किल हो गया। सभी का रो रोकर बुरा हाल था। वे सूरज का चेहरा देखने को बेताब थीं। पिता किसी तरह खुद को संभाले हुए थे। शहीद की अंतिम यात्रा शुरूहोते ही मां, दादी और बहनें बदहवास हो गईं।
सेना के जवानों ने किसी तरह अंतिम क्रिया करवाई। इसके बाद शहीद की अर्थी को कंधा लगाने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने इस दौरान पार्थिव शरीर पर पुष्प भी अर्पित किए। अंतिम विदाई के दौरान मार्ग में लोग ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, सूरज तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगा रहे थे। गांव से करीब 50 किमी दूर रामेश्वर के श्मशान घाट में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ सूरज का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की चिता को चाचा महा सिंह ने मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सेना की टुकड़ी ने 21 फायर करके सलामी दी। एसडीएम अवधेश कुमार सिंह
ने प्रशासन की ओर से पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा, क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, पीतांबर पांडे सहित काफी संख्या में जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद थे।