राज्य में खेलों को आगे बढ़ाने की बात तो की जा रही है पर जिला स्तर पर ही खेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अल्मोड़ा स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा स्पोर्ट्स स्टेडियम स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए मानक के अनुरूप नहीं है।
भूमि के अभाव में मैदान के विस्तार की योजना भी अधर में लटकी है। वहीं ब्लाक स्तर पर भी मैदानों का अभाव है। इससे नियमित रूप से खेल गतिविधियों का भी संचालन नहीं हो पाता है।
जिला मुख्यालय में स्टेडियम में खेल के अलावा अन्य गतिविधियां होती रहती हैं। वर्तमान में यहां बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, फुटबाल, बास्केटबाल, वालीबाल, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन, क्रिकेट, बाक्ंिसग आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
स्टेडियम की लंबाई 130 मीटर और चौड़ाई 57 मीटर है। जबकि मानक के अनुसार इसकी लंबाई 176 मीटर और चौड़ाई 96 मीटर होनी चाहिए। जिस कारण यहां प्रदेश और राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं नहीं हो पाती हैं।
आसपास मकान बनने से स्टेडियम से लगी भूमि नहीं मिलने से मैदान के विस्तारीकरण की योजना भी खटाई में पड़ गई है। स्टेडियम की दर्शक दीर्घा भी वर्षों से जगह-जगह टूटी हुई है।
वहीं विकासखंड स्तर पर क्रीड़ांगन नहीं होने से स्कूलों, युवा कल्याण, एनवाईके, खेल विभाग की ब्लाक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में खासी दिक्कतें होती हैं। इससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते हैं।