किराया बढ़ाने के खिलाफ बैठक करते व्यापारी।
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दुकानों का किराया और करों में वृद्धि करने से नगर के व्यापारी भड़क गए हैं। व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों की बैठक में इस निर्णय का विरोध किया गया। कहा कि व्यवसाय निरंतर गिर रहा है, लेकिन किराए और करों में हर साल बेतहाशा वृद्धि की जा रही है।
कई दुकानों का सालों से किराया नहीं लिया गया अब एकमुश्त किराए के बिल थमा दिए गए हैं। तमाम मसलों को लेकर बाद में छावनी परिषद की सीईओ को ज्ञापन भी सौंपा गया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी की अध्यक्षता में शिव मंदिर प्रांगण में हुई बैठक में कहा गया कि कैंट बोर्ड हर साल मनमाने ढंग से किराया बढ़ा रहा है, जबकि करों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है।
रानीखेत नगर का व्यवसाय पहले से ही चौपट है। कहा कि नगर में बी-4 भूमि पर स्थित सैकड़ों दुकानों से पिछले आठ सालों से किराया नहीं लिया जा रहा था, लेकिन इस बार एकमुश्त किराए के नोटिस थमा दिए गए हैं, जिससे दुकानदार परेशान हैं। कहा कि दुकानदारों को किराया जमा करने की समयावधि भी नहीं बढ़ाई जा रही है।
कहा कि चौपट होते व्यवसाय के चलते बढ़ा हुआ किराया दुकानदार जमा करने में समर्थ नहीं हैं। ज्ञापन में मुख्य अधिशासी अधिकारी से किराए और करों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार कर इसे कम करने और एकमुश्त किराया जमा करने की समयावधि बढ़ाने की मांग की गई है। बैठक में व्यापार संघ के दीपक अग्रवाल, हर्ष पंत, मनोज पंत, सीमा जसवाल, दीपक पंत, अतुल अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, भुवन बिष्ट, मोहन सिंह सहित तमाम व्यापारी मौजूद थे।