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रावण परिवार के पुतलों को देखने उमड़ पड़ा पूरा शहर

Sat, 30 Sep 2017 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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विजयदशमी पर अल्मोड़ा में निकाले गए रावण परिवार के पुतले। - फोटो : अमर उजाला
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दशहरा महोत्सव पर अल्मोड़ा में रावण परिवार के करीब 30 पुतलों की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। पुतलों को देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। हजारों की भीड़ ने बाजारों में सड़क के किनारे और घरों की छतों से पुतलों को देखा। पुतलों के साथ युवा बैंड बाजों के साथ नृत्य करते चल रहे थे। रावण समेत अन्य सभी पुतलों को देर रात स्थानीय स्टेडियम में जलाया गया। इस मौके पर स्टेडियम में आतिशबाजी और रंगारंग कार्यक्रम भी हुए।  
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अलग-अलग मोहल्लों और बाजारों में विभिन्न पुतला समितियों की निगरानी में तैयार रावण परिवार के 30 से अधिक पुतलों को दोपहर बाद नगरपालिका के शॉपिंग कांप्लेक्स के पास लाया गया। यहां मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान आदि ने महोत्सव का शुभारंभ किया। विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने कहा कि सरकार ने अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए तीन लाख रुपये मंजूर किए हैं। आने वाले सालों में दशहरा महोत्सव को और भी भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने इस बात पर खुशी जताई कि युवा वर्ग दशहरा महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोज तिवारी, दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की, मुख्य संयोजक तुषारकांत साह, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, आनंद सिंह बगडवाल, हरीश जोशी, दीप लाल साह, अमर नाथ नेगी, कैलाश गुरूरानी, शेखर लखचौरा सचिन टम्टा, धर्मेंद्र बिष्ट, दीपक साह, वैभव पांडे, अमित साह मोनू, जगमोहन बिष्ट, रमन वर्मा, मनोज जोशी, विनीत बिष्ट, दीप जोशी, नमित शर्मा, राजेंद्र तिवारी, विनोद वैष्णव, अशोक पांडे,हेम तिवारी, केवल सती, नवीन बिष्ट, अख्तर हुसैन, महेंद्र कन्नोजिया, दिनेश गोयल समेत आदि गणमान्य लोग मौजूद थे।  
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उद्घाटन समारोह के बाद पुतलों को मुख्य बाजारों से होकर स्टेडियम के लिए रवाना किया गया। पुतलों की शोभा यात्रा में रावण परिवार के 30 से अधिक पुतले शामिल थे। इनमें रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण, ताड़िका, खर, दूषण, मारीच, अक्षय कुमार, प्रहस्त, दुर्मुख, मकरासुर,

 निशुंभ, अतिकाय, सुबाहु, मकराक्ष, कालकासुर, निकुंभ, ज्वालासुर, त्रिसरा, मायांतक, अहिरावण, नौरांतक, कालकेतु आदि पुतले शामिल थे। परंपरा के मुताबिक सबसे आगे ताड़िका का पुतला और सबसे पीछे रावण का पुतला चल रहा था। आखिर में राम डोला शामिल था। देर रात पुतले स्थानीय स्टेडियम में पहुंचे। जहां हजारों की भीड़ और भव्य आतिशबाजी के बीच पुतलों को आग के हवाले कर दिया गया। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। जिसमें केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देर रात तक स्टेडियम में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।  
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