भनोली तहसील के अंतर्गत जानवरों द्वारा गिराए गए पत्थरों की चपेट में आने से मुरियाबांज गांव निवासी 14 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक के पिता का छह माह पूर्व ही निधन हुआ है। छह भाई-बहनों में मृतक सबसे छोटा था। वह राजकीय इंटर कालेज दन्यां में कक्षा सात में पढ़ता था।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धार के पूर्व प्रधान मुरियाबांज गांव निवासी स्व. किशन राम का सबसे छोटा बेटा 14 वर्षीय महेंद्र कुमार सोमवार सुबह गांव के पास ही जंगल में जानवरों को चराने गया था। पहाड़ी पर मवेशी चर रहे थे और वह कुछ दूरी पर पहाड़ी के नीचे बैठा था। करीब दस बजे जानवरों के पैरों से लुढ़क कर पहाड़ी से काफी संख्या में पत्थर नीचे की तरफ गिरने लगे, जिनकी चपेट में महेंद्र आ गया और सिर पर पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मनोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना परिजनों ने भनोली के उपजिलाधिकारी को दे दी है। मृतक के पिता स्व. किशन राम धार ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके हैं। उनका निधन करीब छह माह पूर्व हो चुका है। मृतक जब तीन माह का था तो उसकी मां भी चल बसी थी। छह माह में पिता-पुत्र की असामयिक मौत से घर में मातम छाया हुआ है और गांव में भी शोक की लहर है।
मृतक की चार बड़ी बहनें और एक बड़ा भाई है। जिनमें एक बहन विवाहिता और तीन बहनें गांव में ही रहती हैं, जबकि बड़ा भाई मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। उसके चाचा, ताऊ भी परिवारजनों को मदद करते हैं। इधर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश जोशी ने घटना पर दु:ख जताते हुए प्रदेश सरकार से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।