चिता को मुखाग्नि देती बेटी और बहू।
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खोल्टा निवासी 78 वर्षीय वृद्धा का गत दिवस निधन हो गया था। वृद्धा की शव यात्रा में परंपरा से हटकर उनकी बहू और पुत्री शामिल हुईं। इसके बाद उन्होंने विश्वनाथ घाट में चिता को मुखाग्नि दी। दोनों महिलाओं का यह कार्य समाज के लिए आदर्श है।
खोल्टा निवासी 78 वर्षीय रेखा तिवारी पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं। शुक्रवार की सायं 7:15 बजे उनका निधन हो गया। जबकि रेखा तिवारी के पुत्र संजय तिवारी का करीब दो साल पहले निधन हो गया था। घर पर पुत्र स्व. संजय तिवारी की पत्नी आशा तिवारी और दो पोतियां रहती हैं जबकि एक विवाहिता पुत्री पूनम तिवारी दिल्ली में रहती हैं।
परंपरा के अनुसार पर्वतीय क्षेत्र में महिलाएं न तो श्मशानघाट जाती हैं और न ही चिता को मुखाग्नि देती हैं। परंपरा के हटकर स्व. रेखा तिवारी की बहू आशा तिवारी और पुत्री पूनम तिवारी ने पुरुषों की तरह शव को कंधा दिया। इसके बाद विश्वनाथ घाट जाकर स्व. रेखा तिवारी की चिता को मुखाग्नि दी।