विद्युत लाइन गिरने से करंट का खतरा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कई हादसों के बावजूद विद्युत विभाग की नींद नहीं खुल रही है। रानीखेत तहसील के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के टूटे तार, जंक खाए विद्युत पोल हादसों का सबब बने हुए हैं, लेकिन इन्हें बदलने की जहमत विभाग नहीं उठा पा रहा है। मामला कुंवाली क्षेत्र का है, यहां कई गांवों में आपदा में क्षतिग्रस्त पोलों को तक नहीं बदला गया है। तार सहित पोल खेतों में गिरे पड़े हैं, जिसके चलते किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
कुंवाली क्षेत्र और आसपास के पागसा, सुतरगांव, ऐना, बूंगा गांव में कई बिजली के पोल जीर्णशीर्ण हालत में हैं। पोलों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं। ऐनापार, कुलसीबी में दो पोल गिरताऊ हालत में हैं, जबकि कई स्थानों पर हाइटेंशन लाइन के तार झूल रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य अनीता बिष्ट का कहना है कि महिलाएं घास काटने जाती हैं। ऐसे में झूलते तार और जर्जर पोल कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार की आपदा में कई पोल गिर गए थे, जबकि तारों पर पेड़ गिरे हुए हैं। इसके बावजूद विद्युत विभाग ने इन्हें नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि नैड़ी में ट्रांसफार्मर कम क्षमता का होने से आए दिन विद्युत व्यवस्था बाधित रहती है। बता दें कि पूरे क्षेत्र में इस तरह की समस्या बनी हुई है। कुछ दिन पूर्व मौलेखाल में केमू बस झूलते तार की चपेट में आ गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा ताड़ीखेत क्षेत्र में भी जंगल में बिजली के टूटे तार की चपेट में आकर एक गाय की मौत हो गई थी। उन्होंने तत्काल अव्यवस्था को सुधारने की मांग उठाई है।
पूरे क्षेत्र में ही जीर्णशीर्ण पोलों की दिक्कतें हैं। कुलसीबी में पेड़ों की छंटाई का कार्य करवाया गया है। नए पोल आते ही जीर्णशीर्ण पोलों को बदल दिया जाएगा।
- राजेंद्र बेलवाल, एसडीओ, द्वाराहाट खंड।