उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के आह्वान पर जल संस्थान के ठेका श्रमिक ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर संविदा पर तैनाती की मांग को लेकर पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। श्रमिकों ने आज भी गांधी पार्क पर धरना दिया और मांगों को लेकर नारेबाजी की। श्रमिकों ने प्रशासन से हुई वार्ता विफल हो गई है। हड़ताल से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
ठेका श्रमिकों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार कर गांधी पार्क में धरना दिया। इस असर पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग में संविदा पर रखने की मांग पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ठेकेदारी प्रथा में श्रमिकों का उत्पीडन हो रहा है, लेकिन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
विभाग में श्रमिक वाल्व आपरेटर, पंप आपरेटर, लाइनमैन, टैंकर चालक, कंप्यूटर आपरेटर, सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट पदों कार्यरत हैं। यह सभी कार्मिक कार्य बहिष्कार पर चले रहे हैं। इससे पेयजल पूर्ति सहित यह कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। धरने पर शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह अधिकारी, सचिव देवेंद्र जोशी, दीप फत्र्याल, हर सिंह सिजवाली, प्रताप सिंह, गिरजा दुर्गापाल, सुंदर सिंह, संतोष सिंह, भूपाल सिंह, पान सिंह, राजेंद्र प्रसाद, प्रेम सिंह, नवीन जोशी, मनीष मेर, गोविंद भोजक, गोविंद नयाल, गोविंद ढै़ला, गोविंद बोरा, सुंदर सिंह, कैलाश सिंह, विक्रम सिंह, प्रताप सिंह, जीवन सिंह, राजू पाठक आदि बैठे।
जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने को होंगे हरसंभव प्रयास
अल्मोड़ा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंद किशोर ने कहा है कि श्रमिकों के कार्य बहिष्कार पर जाने के कारण विभाग जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा है कि पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए विभाग के दूरभाष नंबर 05962-231289, 234136 पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि पाइप लाइनों के वाल्व आपरेशन जलापूर्ति वितरण करने में किसी भी नए तैनात कार्मिक को आंशिक कठिनाई होगी। जिससे पेयजल वितरण में कुछ समय अनियमितता होना स्वाभाविक है। उन्होंने श्रमिकों के कार्य बहिष्कार स्थगित होने तक जलापूर्ति में विभाग के सहयोग की अपील की है।