अल्मोड़ा। छंजर सभा द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी के साथ-साथ उत्तराखंड के विविध रंग काव्य संकलन का लोकार्पण किया गया। कवयित्री वीना चतुर्वेदी वीणा के स्वरचित काव्य की प्रशंसा करते हुए साहित्यकारों ने कहा कि काव्य में उत्तराखंड के रीति रिवाज, युवाओं की मनोदशा और केदारनाथ की आपदा के संपूर्ण परिदृश्य को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर हुई काव्य गोष्ठी में कवियों ने सामाजिक कुरीतियों से सजग रहने का आह्वान किया।
त्रिभुवन गिरि महाराज की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मीनू जोशी, निम्मी बिष्ट और तारा वर्मा द्वारा गाई सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर साहित्यकारों ने कवयित्री वीना चतुर्वेदी के स्वरचित काव्य संकलन उत्तराखंड के विविध रंग का लोकार्पण किया।
वक्ताओं ने कहा कि काव्य संग्रह में युवा मनोभावों का चित्रण कवयित्री की अनूठी प्रतिभा को दर्शाता है। मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी, चंपावत से पहुंचे कवि तिलक राज जोशी, प्रो. डा. दिवा भट्ट, डा. कपिलेश भोज ने भी विचार रखे। इस अवसर पर हुई काव्य गोष्ठी में वीना चतुर्वेदी ने रजनी उड़ा ले जा तिमिर भोर को आने तो दे गाकर श्रोताओं को आनंद विभोर कर दिया।
अन्य कवियों ने रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों से सजग रहने का आह्वान किया। संचालन नीरज पंत ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता मदन लाल साह, आनंद सिंह बगडवाल, मनोहर बृजवाल, डा. जेसी दुर्गापाल, डा. तिलकराज जोशी, श्याम सिंह कुटौला, पीके उप्रेती, आशा भट्ट, मनीष पंत, पल्लवी पंत, निम्मी बिष्ट, डा. रमेश चंद्र लोहुमी, कमल गुप्ता, आरपी भट्ट, अनिरुद्ध वालिया समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थेे।