रानीखेत (अल्मोड़ा)। जैव विविधता और दुर्लभ हिमालयी पक्षियों के लिए विख्यात सोनी–बिनसर का पक्षी पर्यटन सर्किट फाइलों की धूल हटने का इंतजार कर रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बावजूद यह महत्वाकांक्षी येाजना अब तक धरातल पर नहीं आ पाई है।
ताड़ीखेत क्षेत्र में सोनी, बिनसर और भतरौंजखान क्षेत्रों को मिलाकर इकोटूरिज्म सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत बर्ड्स इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया जाना है। स्थानीय युवाओं को प्रकृति–गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की भी तैयारी की गई थी। महीनों से यह प्रस्ताव फाइलों में अटका हुआ है। न निर्माण शुरू हुआ, न प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रगति दिख रही है। इससे हिमालयी पक्षियों को करीब से देखने आने वाले पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं।
इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन की दृष्टि से यह परियोजना महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि केंद्र खुल जाता है तो क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रकृति–पर्यटन मानचित्र पर चमक सकता है। इससे क्षेत्र की पहचान बढ़ेगी, पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और जैव विविधता संरक्षण को बल मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद
बिनसर सिर्फ प्रकृति और पक्षियों का ठिकाना नहीं, यह बिनसर महादेव जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल के कारण आध्यात्मिक केंद्र भी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बर्ड्स इंटरप्रिटेशन सेंटर के शुरू होने से प्रकृति और धार्मिक पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र की पहचान एक समग्र पर्यटन हब के रूप में बनेगी। लोगों ने सरकार से मांग की है कि घोषणा को अब व्यवहार में उतारकर काम जल्द शुरू किया जाए।
हिमालयी पक्षियों की प्राकृतिक शरणस्थली
सोनी–बिनसर के जंगल अल्मोड़ा जिले में रानीखेत के पास स्थित हैं। यह घने देवदार, चीड़ और ओक के जंगलों से घिरा क्षेत्र है और प्रकृति प्रेमियों को हमेशा से आकर्षित करता रहा है। यह एशिया के प्रमुख बर्डिंग स्पॉट्स में शुमार है। इस क्षेत्र में 50 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां जंगलों की नमी, ऊंचाई और शांत वातावरण इसे पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए आदर्श प्राकृतिक निवास माना जाता है।
ये काम प्रस्तावित
-आधुनिक बर्ड्स इंटरप्रिटेशन सेंटर
-डिजिटल एलईडी डिस्प्ले व इंटरेक्टिव बर्ड मॉडल
-सोनी–बिनसर–भतरौंजखान को जोड़ता इकोटूरिज्म सर्किट
-जैव विविधता आधारित प्राकृतिक पथ
-प्रशिक्षित स्थानीय प्रकृति–गाइड
-पक्षी और पर्यावरण संरक्षण के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम
-पक्षी अवलोकन के लिए वॉच टॉवर/ओपन व्यू प्वाइंट
वर्जन
सेंटर का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह योजना क्षेत्र में पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।
-तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी, रानीखेत