एसएसजे परिसर में चित्रकला विभाग की तीन दिनी वार्षिक कला प्रदर्शनी एक्सप्रेशन शुरू हो गई है। प्रदर्शनी का शुभारंभ करते कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कि कहा कि अभिव्यक्ति के लिए कलाकार के हाथ, हृदय और मस्तिष्क का एकाकार होना जरूरी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कला के संवर्धन के लिए लगातार परिश्रम और कल्पनाशील रहने का आह्वान किया।
कुलपति ने एसएसजे परिसर में चित्रकला विभाग में सेमिनार हाल निर्माण कराने का आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि सीडीओ प्रकाश चंद्र ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रदर्शनी में लगाए चित्रों और पेंटिग्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला के संवर्धन के लिए इस प्रकार की प्रदर्शनियां महत्वपूर्ण हैं। वरिष्ठ चित्रकार मो. सलीम ने कहा कि कलाकार को कुशल शिल्पी होने के साथ साथ प्रयोग धर्मी होना चाहिए।
चित्रकला के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। डीन प्रो. एमएस मावड़ी ने कहा कि मानव के इंसान होने में कला का अहम योगदान है। अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी ने आयोजकों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि चित्रकला मात्र अकादमिक शिक्षा ही नहीं छात्र-छात्राओं के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी है। चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ. सोनू द्विवेदी ने सभी का आभार जताया। संचालन डा. संजीव आर्या ने किया। इस मौके पर प्रो. एलएस बिष्ट, प्रो. वीपी पांडे, प्रो. जया उप्रेती, डा. तेजपाल आदि थे।
मरुभूमि की चित्रकला, एक्सप्रेशन पत्रिका का विमोचन
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एक्सप्रेशन के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों ने प्रदर्शनी की पत्रिका एक्सप्रेशन और डा. संजीव आर्या द्वारा राजस्थानी चित्रकला पर लिखी पुस्तक मरुभूमि की चित्रकला का विमोचन किया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने वंदना, स्वागत गीत, विश्वविद्यालय का कुल गीत पेश किया। इसके बाद अतिथियों ने कलाकारों द्वारा विभिन्न विषयों पर तैयार प्रदर्शित चित्रों को देखा।