अल्मोड़ा पुलिस की सराहनीय पहल ने 12 साल से घर से लापता वृद्धा को परिजनों से मिला दिया है। गैरसैंण क्षेत्र से लापता वृद्धा के परिजनों ने उनके मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी।
महिला को मृत समझ पौष (दिसंबर-जनवरी) में उसके क्रिया कर्म की तैयारी कर ली थी। वर्षों पहले बिछुड़ी मां को लेकर बेटा भागचंद्र मंगलवार देर शाम अल्मोड़ा से गैरसैंण रवाना हो गया।
मानसिक तौर पर कमजोर चमोली जिले के ग्राम कल्याणी, पो. चौरासैंण गैरसैंण निवासी रुद्रा देवी (62) पत्नी स्व. फते सिंह करीब 12 साल पहले घर से निकल गई। परिजनों ने निकटवर्ती गांवों समेत बदरी, केदार से लेकर देहरादून तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने वृद्धा के मिलने की उम्मीद भी छोड़ दी थी। 16 नवंबर सोमवार की सायं महिला पुलिस कर्मियों ने सर्किट हाउस क्षेत्र में एक वृद्धा को देखा।
हाथ में लाठी और बगल में पोटली दबाए चल रही वृद्धा को पुलिस कर्मियों ने अपने पास बैठाया और पूछताछ में उसके घर का पता लगा लिया। पता चला कि वृद्धा दो दिन पहले ही यहां आई थी। पुलिस कर्मी महिला को थाने ले आए।
महिला थानाध्यक्ष हेमा गुणवंत ने बताया कि वृद्धा की फोटो और उसके द्वारा बताए गए घर के पते को व्हाट्सएप के जरिए चमोली पुलिस को भेजा गया। चमोली पुलिस ने वृद्धा का फोटो परिजनों को दिखाया तो पुत्र भागचंद्र ने उन्हें पहचान लिया। इतने समय तक कहां-कहां भटकती रही वृद्धा इसकी जानकारी नहीं दे पा रही है।
मंगलवार को गांव के प्रधान मोहन सिंह और अन्य परिजनों को लेकर भागचंद्र महिला थाने पहुंचा। एक-दूसरे को देखते ही मां और बेटे की आंखें भर आईं। भाग चंद्र ने बताया कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। वह मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है।
12 साल पहले लापता मां को काफी ढूंढा। लंबे समय तक पता नहीं चलने पर परिवार ने उसे मृत मान लिया था और पौष के महीने में उनके क्रिया कर्म की तैयारी कर ली थी। इसके लिए चांदी में मां की प्रतीक मूर्ति भी बनवा ली थी।
अचानक अल्मोड़ा पुलिस से मिले संदेश ने उन्हें खुशियां लौटा दी। थाने में जरूरी कार्रवाई के बाद वह मां को लेकर गैरसैंण रवाना हो गया है। भागचंद्र और साथ आए अन्य लोगों ने अल्मोड़ा पुलिस का आभार जताया।