तेंदुआ पकड़ने की मांग पर अधिकारियों से वार्ता करते ग्रामीण।
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तेंदुए के आतंक पर जनता दरबार में खूब हंगामा हुआ। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग पर नाकामी का आरोप लगाया। कहा कि तेंदुए की दहशत से घर से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। लेकिन विभाग सुध नहीं ले रहा। उन्होंने आतंक से निजात के साथ ही तेंदुओं के हमलों से सुरक्षा की गारंटी भी मांगी। क्षेत्रवासियों ने चेताया कि जल्द निजात नहीं मिली तो सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित दरबार में तेंदुए के आतंक का मामला छाया रहा। क्षेत्रवासियों ने बढ़ते हमलों पर चिंता जताई। कहा कि तेंदुए ने अब आबादी की ओर रुख कर लिया है। गांव ही नहीं अब नगर क्षेत्र में भी तेंदुए के भय से लोग दहशत में हैं। उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए। कहा कि लगातार हमलों के बावजूद विभाग निपटने में नाकाम रहा है। चेताया कि जल्द तेंदुओं के आतंक से निजात नहीं मिली तो क्षेत्रवासी सड़क पर उतरेंगे।
एडीएम राहुल गोयल के भरोसे के बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान एडीएम ने डीएफओ को लगातार गश्त करने और पिंजड़ा लगाकर तेंदुओं को पकड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने पालिका से स्ट्रीट लाइट सुचारु रखने और नगरीय क्षेत्रों से झाड़ियों की सफाई के निर्देश दिए। दरबार में सड़क, शिक्षकों की कमी, बिजली, पेेंशन को लेकर 23 शिकायतें दर्ज कराई गई। एडीएम ने अधिकारियों को सप्ताह भर के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान निवर्तमान पालिकाध्यक्ष गीता रावल, सीडीओ एसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, डीएफओ आरके सिंह, सीएमओ जेसी मंडल समेत तमाम फरियादी थे।