रानीखेत (अल्मोड़ा)। जब मंदिर और शिक्षा के मंदिर परिसर ही गंदगी की जद में हो तो सार्वजनिक स्थलों का क्या हाल होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ हाल है प्रख्यात पर्यटन नगरी का। तमाम प्रयासों के बावजूद छावनी परिषद ने शिव मंदिर और विवेकानंद विद्या मंदिर परिसर में गंदगी से पटे जीर्ण-शीर्ण शौचालयों की सुध नहीं ली है। दुर्गंध के चलते जहां विद्यालय प्रशासन परेशान हैं, वहीं मंदिर में आने जाने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के शौचालयों की हालत और खराब है।
पर्यटन नगरी की सफाई व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आ पा रही है। छावनी परिषद ने इसके लिए मिशन खूबसूरत भी चलाया, लेकिन इस अभियान को भी सफलता नहीं मिली। नगर के अधिकांश यूरिनल गंदगी से पटे पड़े हैं, पर्यटन सीजन चल रहा है, लोग नाक में रुमाल डालकर इधर-उधर जाने को मजबूर हैं।
दूसरी तरफ शिव मंदिर और विवेकानंद विद्या मंदिर परिसर स्थित पुराने शौचालयों की हालत खराब है। शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं। पुराने पिट जगह-जगह से फट चुके हैं, पूरे परिसर में बदबू से लोगों का जीना दूभर हो रहा है। आसपास आबादी रहती है।
शौचालय के ठीक पास में ही प्राचीन पानी के स्रोत हैं, जहां पानी भरने वालों का तांता लगा रहता है। पूर्व में भी शौचालय को लेकर स्थानीय लोगों ने छावनी परिषद से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विद्या मंदिर स्कूल के ठीक नीचे होने के कारण दुर्गंध के चलते विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।