नगर और इसके आसपास की 60 हजार से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए हर रोज 16 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन वर्तमान में 13 एमएलडी पानी ही योजनाओं से पहुंच पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिक्कत अधिक बढ़ गई है। सालों से निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं, इसकी मार लोग सह रहे हैं।
नगर के आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति करने के लिए भगतोला, कसारदेवी, क्ववैराला, खत्याड़ी सहित अन्य योजनाओं का निर्माण शुरू किया गया है, लेकिन लंबे समय बाद ये धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। वहीं लमगड़ा, गुरुड़ाबांज क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों की प्यास बुझाने वालीं कपकोट, गैराड़ पेयजल योजनाएं का निर्माण लंबे समय बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
Iलमगड़ा, गुरुड़ाबांज में टैंकर से बुझ रही है प्यासI
Iअल्मोड़ा। लमगड़ा, गुरुड़ाबांज मुख्य बाजार सहित आसपास के गांवों की प्यास बुझाने के लिए दो साल बाद भी पेयजल योजना का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में यहां जल संकट गहरा गया है। नलों में पर्याप्त पानी न आने से लोग प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। जल संस्थान टैंकरों से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा है। I
I
I
Iसल्ट के गांवों में नहीं हो रही पर्याप्त पानी की आपूर्तिI
Iअल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र में 100 से अधिक गांवों की प्यास बुझाने के लिए तीन पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही जल स्रोतों का जलस्तर 40 प्रतिशत तक कम होने से इन योजनाओं से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही। इन हालात में गांवों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। हालात यही रहे तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी गंभीर हो सकता है। I
I
I
Iप्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी बांटा जा रहा है। योजनाओं के निर्माण के बाद जल संकट से राहत मिलेगी। जल संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। I
I
मंजुल मेहता, एई, जल संस्थान, अल्मोड़ा। I