विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में आत्मा परियोजना की ओर से प्रायोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रसार कर्मियों को सोयाबीन से पनीर बनाने की तकनीक बताई गई। संस्थान के निदेशक डा. अरुणव पटनायक ने संस्थान द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विकसित की गई विभिन्न उन्नत उत्पादन तकनीक के बारे में बताया।
प्रशिक्षण सेल के समन्वयक डा. निर्मल चंद्रा ने कहा कि प्रसार कर्मी प्रशिक्षण के बाद किसानों के खेतों में जाकर उन्हें तकनीकी ज्ञान से रूबरू कराएं। प्रक्षेत्र समन्वयक डा. बीएम पांडेय ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। विषय विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान खरीफ फसल धान, मडुआ, मादिरा, मक्का, सोयाबीन, भट, गहत की उन्नत तकनीक के बारे में जानकारी दी। कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले छोटे कृषि यंत्रों और विभिन्न फसलों की मढ़ाई और गहाई के लिए संस्थान द्वारा विकसित यंत्रों के बारे में बताया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में बेमौसमी सब्जी उत्पादन, चारा उत्पादन प्रबंधन, जल संरक्षण, मशरूम उत्पादन तकनीक, जैविक खेती करने की विधि बताई गई।
अंतिम दिन प्रसार कर्मियों से प्रशिक्षण और अनुभव, कृषि की समस्याओं के विषय में विचार-विमर्श हुआ। संस्थान के प्रशिक्षण निदेशक डा. निर्मल चंद्रा ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र बांटे। इस मौके पर संस्थान के वैज्ञानिक डा. जेपी आदित्य, तिलक मंडल, एआरएनएस सुबन्ना, राम प्रकाश यादव, महिपाल चौधरी, श्याम नाथ आदि मौजूद थे। प्रशिक्षण में 13 जिलों से 90 प्रसार कर्मियों ने भाग लिया।