बसगांव पहुंचकर पान सिंह के परिवार की स्थिति की जानकारी लेता तहसील प्रशासन का दल।
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आर्थिक रूप से परेशान बसगांव के स्वतंत्रता सेनानी नैन सिंह अणौला के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए अब मुख्यमंत्री को संस्तुति भेजी जा रही है। रविवार को तहसील के तीन कर्मियों ने स्वतंत्रता सेनानी के घर पहुंच कर बेटे और बहू का हाल जाना। टीम ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित पेंशन के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बेटे पान सिंह अणौला से कागजात लिए।
जैंती तहसील के बसगांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह अणौला के बेटे पान सिंह अणौला (58) और बहू हेमा देवी (54) की आर्थिक स्थिति खराब होने के संबंध में अमर उजाला ने चार जनवरी को ‘दाने-दाने को मोहताज हुआ स्वतंत्रता सेनानी का परिवार’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद सरकारी तंत्र हरकत में आया।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने तत्काल तहसील प्रशासन जैंती को बसगांव जाकर स्थिति का पता लगाने के निर्देश दे दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन के तीन सदस्यीय कार्मिकों का दल बसगांव पहुंचा। दल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. अणौला के पुत्र पान सिंह अणौला और बहू हेमा देवी की स्थिति के बारे में जाना। बिनौला क्षेत्र की उप राजस्व निरीक्षक दीप्ति खड़ायत ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बहू हेमा देवी का स्वास्थ्य काफी खराब है। पैर टूटने के कारण वह चल नहीं पा रही हैं।
हेमा देवी ने बताया कि उसके पास टूटे पैर का उपचार कराने के लिए पैसे नहीं है। पति का स्वास्थ्य लंबे समय से खराब है। इस कारण वह काम करने में असमर्थ हैं।
उप राजस्व निरीक्षक दीप्ति पान सिंह अणौला से पेंशन से संबंधित कागजात ले आई हैं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी के बेटे के परिवार को आश्रित सहायता उपलब्ध कराए जाने के लिए संस्तुति जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजी जा रही है। तीन सदस्यीय दल में दीप्ति खड़ायत के अलावा उप राजस्व निरीक्षक रामकृष्ण उप्रेती, महेश पालीवाल आदि शामिल हैं।