करीब एक माह पहले राजकीय बालिका सदन लाई गई 13 वर्षीय किशोरी मंगलवार रात ताला तोड़कर भाग निकली। काफी खोजबीन के बाद बुधवार की सुबह उसे गोपालधारा के पास बरामद कर लिया गया। इससे पहले भी वह तीन जनवरी की रात बालिका सदन कर्मचारियों को चकमा देकर भाग गई थी, तब उसे धारानौला स्टेशन के पास बरामद किया गया था।
मालूम हो कि 13 साल की किशोरी एक जनवरी को एडम्स गर्ल्स इंटर कालेज के पास घूमती मिली। सही नाम और पता नहीं बताने पर उसे एसडीएम के आदेश पर यहां बख में स्थित राजकीय बालिका सदन भेज दिया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही वह तीन जनवरी को बालिका सदन से भाग निकली थी। पुलिस ने उसे अगले दिन सुबह धारानौला बाजार में बरामद कर लिया। उसके बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रो. इला साह ने उसे दोबारा बालिका सदन भेज दिया था।
उसके बाद से ही वह फिर भागने की फिराक में थी। मंगलवार की रात उसने एक सरिया के जरिये बालिका सदन के गोदाम के दरवाजे का ताला तोड़ दिया और फरार हो गई। देर रात उसके भागने की जानकारी मिली तो स्टाफ में खलबली मच गई। तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। उसके बाद रात भर उसे खोजा गया लेकिन कुछ पता नहीं लगा। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रो.इला साह ने बताया कि बुधवार की सुबह वह गोपालधारा में मिली। इसके बाद प्रो. इला साह के आदेश पर दोबारा राजकीय बालिका निकेतन में दाखिला दिलाया गया लेकिन उसकी गतिविधियों से बालिका सदन का स्टाफ परेशान है।
संदिग्ध हैं किशोरी की गतिविधियां
एक माह पहले अल्मोड़ा में घूमती मिली यह किशोरी लगातार झूठ बोल रही है और अपना नाम पता सही नहीं बता रही है। पूर्व में उसने अपना नाम मीनाक्षी धामी और जौलजीबी के निकट के एक गांव की निवासी बताया था। बुधवार को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रो. इला साह के प्रयास से उसे जौलजीबी में उसके घर भेजने के लिए पुलिस की कार मंगा ली गई। एसएसआई गोविंद बल्लभ भट्ट महिला पुलिस कर्मियों के साथ उसे गांव ले जाने की तैयारी में थे। जब पिथौरागढ़ जिले से नाम पते के बारे में सूचना ली गई तो जौलजीबी में उसके नाम का कोई नहीं मिला। इसके बाद उसे बालिका सदन भेजना पड़ा। यह बालिका कभी अपना नाम पूजा, कभी मीनाक्षी और कभी विद्या बता रही है। मंगलवार रात बालिका निकेतन से एक अन्य बालिका की जैकेट भी चुरा ले गई ताकि भागने में कपड़ों के आधार पर पहचान न हो सके।
मोबाइल फोन भी बरामद
बालिका सदन के स्टाफ को इस संदिग्ध किशोरी के पास एक मोबाइल फोन भी मिला है। हालांकि फोन चालू हालत में नहीं है। किशोरी की गतिविधियों को देखते हुए यह भी आशंका भी लग रही है कि वह किसी न किसी के संपर्क में है जिसके बारे में वह कुछ नहीं बता रही है। यह भी बता दें कि पहली बार बरामद होने पर उसने बयान दिया था कि वह तीन अन्य लड़कियों के साथ जौलजीबी से अल्मोड़ा आई थी। तीन अन्य लड़कियां उसे अल्मोड़ा में छोड़ गई। पुलिस का कहना है कि अन्य लड़कियों के बारे में भी आज तक कुछ पता नहीं लग सका है।