अल्मोड़ा। ब्लॉक संसाधन केंद्र धौलछीना (भैंसियाछाना) में हुई शालासिद्धी ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला में उप शिक्षाधिकारी हरीश सिंह रौतेला ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रत्येक शिक्षक का उत्तरदायित्व है। रौतेला ने कहा कि कार्यक्रम के तहत स्कूल मूल्यांकन को साधन, स्कूल सुधार को साध्य के रूप में लिया गया है।
उन्होंने प्रतिभागी शिक्षकों से कहा कि स्कूल मानक, मूल्यांकन की रूपरेखा, स्कूल मानक डैश बोर्ड का भलीभांति अध्ययन कर लें। इससे कि शालासिद्धी कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आसानी रहे। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय शैक्षिक योजना, प्रशासन विश्वविद्यालय (न्यूपा) के स्कूल मानक, मूल्यांकन इकाई द्वारा विकसित राष्ट्रीय स्कूल मानक, मूल्यांकन कार्यक्रम शालासिद्धी की यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
संदर्भदाता ब्लॉक समन्वयक हरीश सिंह ढैला ने शालासिद्धि कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के संचालन के बारे में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में संकुल समन्वयक अनीता गोस्वामी, हरेंद्र सिंह बिष्ट, उम्मेद सिंह मनराल, चारु चंद्र तिवारी, रघुवीर मेहता, तपन तिवारी, नारायण सिंह भाकुनी, डॉ. मनोज बिष्ट, भूपेश बनकोटी, राजीव जोशी, हीरा सिंह टोलिया, मुनव्वर फातमा, विजय लक्ष्मी धपोला, नंदी नेगी, मीरा रौतेला, दीपिका नेगी, चंद्रा मेहता, नीति खेतवाल, गीता सनवाल आदि थे।